नई दिल्ली, 26 अगस्त 2025: भारत के डिजिटल पेमेंट क्रांति के जनक और पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने हाल ही में नेटफ्लिक्स के लोकप्रिय शो द ग्रेट इंडियन कपिल शो में एक ऐसा बयान दिया, जिसने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया! 🌩️ कपिल शर्मा के सवाल, “जिंदगी जीने के लिए कितना पैसा काफी है?” के जवाब में शर्मा ने कहा कि बेसिक खर्चों के लिए महीने में 1-2 लाख रुपये काफी हैं। इस जवाब ने नेटिजन्स को चौंका दिया और एक नई बहस छेड़ दी। आइए, इस वायरल पल और इसके पीछे की कहानी को विस्तार से जानते हैं। 📺💬
🎤 कपिल शर्मा के शो में स्टार्टअप दिग्गजों का जमावड़ा
23 अगस्त 2025 को रिलीज हुए द ग्रेट इंडियन कपिल शो के इस खास एपिसोड में विजय शेखर शर्मा के साथ-साथ बोआट के अमन गुप्ता, मामाअर्थ की गजल अलघ और ओयो के रितेश अग्रवाल जैसे स्टार्टअप जगत के सितारे नजर आए। 🥳 शो में इन उद्यमियों ने अपनी सफलता की कहानियां, चुनौतियां और मजेदार किस्से साझा किए। कपिल शर्मा की हाजिरजवाबी और सुनील ग्रोवर, कृष्णा अभिषेक व किकू शारदा की कॉमेडी ने इस एपिसोड को और भी मनोरंजक बना दिया। 😂
कपिल ने विजय शेखर शर्मा से पूछा, “जिंदगी जीने के लिए आपको क्या लगता है, कितना पैसा काफी होता है?” इस सवाल पर शर्मा ने जवाब दिया, “जिंदगी जीने के लिए तो मुझे लगता है कि genuinely जितना आपको खाना-पीना और नॉर्मल कपड़े के लिए होता है, मतलब 1-2 लाख महीने से ज्यादा क्या जिंदगी की जरूरत है।” 💸
इस जवाब के बाद कपिल ने मजाकिया अंदाज में कहा, “तो उतना रख के आप बाकी हमें पेटीएम कर देंगे?” इस पर स्टूडियो में हंसी की लहर दौड़ गई। 😆
🌐 सोशल मीडिया पर बवाल: 1-2 लाख महीना ‘काफी’?
शर्मा का यह बयान जैसे ही सोशल मीडिया पर पहुंचा, नेटिजन्स ने इसे अपने-अपने तरीके से लिया। कई लोगों ने इसे भारत की आर्थिक वास्तविकताओं से दूर बताया। एक यूजर ने लिखा, “1-2 लाख महीना? लोग इतना पैसा कमा रहे हैं और मुझे शाम को 20,000 की नौकरी के लिए जाना है। 😢” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “15,000 में पूरा परिवार चलता है मिडिल क्लास का इंडिया में। ये 1-2 लाख की बात कहां से लाए?” 😣 कुछ ने मजाक में कहा, “आज समझ आ रहा है कितना गरीब हूं मैं।”
हालांकि, कुछ यूजर्स ने शर्मा के बयान का बचाव करते हुए कहा कि वे शायद बेसिक जरूरतों की बात कर रहे थे। लेकिन जब बात 12,000 करोड़ रुपये की नेट वर्थ वाले शख्स की हो, तो 1-2 लाख रुपये की बात कई लोगों को अव्यावहारिक लगी। 🤑 भारत में जहां महंगाई और आर्थिक असमानता बड़ी चुनौती है, वहां इस बयान ने लोगों की भावनाओं को छू लिया।
🚀 विजय शेखर शर्मा: एक साधारण शुरुआत से असाधारण सफलता
विजय शेखर शर्मा की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले शर्मा स्कूल टॉपर रहे, लेकिन दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में भाषा की समस्या के कारण उन्हें अपमान का सामना करना पड़ा। फिर भी, उन्होंने हार नहीं मानी और 2010 में पेटीएम की स्थापना की। 💡 एक बार दिल्ली एयरपोर्ट लाउंज में वॉलेट भूल जाने के अनुभव ने उन्हें डिजिटल वॉलेट का आइडिया दिया। आज पेटीएम भारत में डिजिटल पेमेंट का पर्याय बन चुका है। 🏦
फोर्ब्स के अनुसार, शर्मा की नेट वर्थ लगभग 1.4 बिलियन डॉलर (करीब 12,000 करोड़ रुपये) है। हाल ही में पेटीएम ने प्रॉफिटेबिलिटी हासिल की है और RBI से पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस भी प्राप्त किया है। 📈 शर्मा ने भारत में 40,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है और उनकी कंपनी ने डिजिटल इंडिया को नई दिशा दी है। 🌟
🎭 शो में और क्या रहा खास?
शो में विजय शेखर शर्मा ने बताया कि कैसे पेटीएम का आइडिया उनके दिमाग में आया। उन्होंने कहा कि एक बार विदेश यात्रा के दौरान वे अपना वॉलेट भूल गए और सिर्फ फोन साथ था। इससे उन्हें लगा कि अगर लोग फोन का इतना इस्तेमाल करते हैं, तो वॉलेट को फोन में क्यों न लाया जाए। 💭 इस कहानी ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके अलावा, शो में सुनील ग्रोवर के मशहूर किरदार ‘गुत्थी’ और अन्य कॉमेडियन्स ने हंसी के ठहाके लगवाए। 😅
🗣️ नेटिजन्स की बहस: कितना पैसा है ‘काफी’?
शर्मा का बयान भारत जैसे देश में, जहां मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोग महंगाई और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, एक संवेदनशील मुद्दा बन गया। कई लोगों ने इसे अमीरों की दुनिया से जोड़कर देखा, जहां 1-2 लाख रुपये महीने को ‘बेसिक’ माना जा सकता है। एक यूजर ने लिखा, “ये लोग जिस दुनिया में रहते हैं, वहां 1-2 लाख बेसिक है, लेकिन असल भारत में लोग 10-15 हजार में परिवार चलाते हैं।” 😔
इस बीच, कुछ लोगों ने इस बयान को सकारात्मक नजरिए से देखा। एक यूजर ने लिखा, “शायद वे कहना चाहते थे कि जिंदगी की असल खुशी पैसे से ज्यादा रिश्तों और संतुष्टि में है।” फिर भी, यह बयान सोशल मीडिया पर मीम्स और ट्रोल्स का कारण बन गया। 😜
🌟 निष्कर्ष: एक बयान, कई सवाल
विजय शेखर शर्मा का यह बयान न सिर्फ एक मजेदार टीवी मोमेंट था, बल्कि इसने भारत में धन, जरूरत और जीवनशैली को लेकर एक गहरी बहस को जन्म दिया। 🧠 क्या 1-2 लाख रुपये महीने में ‘बेसिक’ जीवन जिया जा सकता है? यह सवाल हर किसी के लिए अलग जवाब देता है। लेकिन एक बात तय है—यह एपिसोड और शर्मा का बयान लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा। 🔥
क्या आप इस बयान से सहमत हैं? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं! 💬
