मेडिकल स्टोर कैसे शुरू करें: रजिस्ट्रेशन और पूरी प्रक्रिया
परिचय
भारत में मेडिकल स्टोर का व्यवसाय एक स्थिर और लाभकारी व्यवसाय है, क्योंकि दवाओं की माँग हमेशा बनी रहती है। बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य जागरूकता के कारण यह व्यवसाय न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि सामाजिक सम्मान भी देता है। हालांकि, मेडिकल स्टोर खोलना कोई साधारण व्यवसाय नहीं है। इसके लिए सही योग्यता, लाइसेंस, और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है। इस लेख में हम मेडिकल स्टोर शुरू करने की पूरी प्रक्रिया, रजिस्ट्रेशन, और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तार से बताएंगे।
मेडिकल स्टोर शुरू करने की पात्रता
मेडिकल स्टोर खोलने के लिए कुछ बुनियादी योग्यताएँ और शर्तें पूरी करनी होती हैं। भारत में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और फार्मेसी एक्ट, 1948 के तहत मेडिकल स्टोर का संचालन होता है। निम्नलिखित योग्यताएँ जरूरी हैं:
- फार्मेसी डिग्री: आपके पास डिप्लोमा इन फार्मेसी (D.Pharm) या बैचलर ऑफ फार्मेसी (B.Pharm) की डिग्री होनी चाहिए, जो फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) से मान्यता प्राप्त संस्थान से प्राप्त हो।
- रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट: यदि आपके पास डिग्री नहीं है, तो आप एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट को नियुक्त कर सकते हैं, जो स्टोर पर मौजूद रहे। फार्मासिस्ट का स्टेट फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है।
- न्यूनतम स्थान: मेडिकल स्टोर के लिए कम से कम 10 वर्ग मीटर का क्षेत्र होना चाहिए। थोक और खुदरा दोनों के लिए 15 वर्ग मीटर की जगह जरूरी है।
मेडिकल स्टोर के प्रकार
मेडिकल स्टोर शुरू करने से पहले आपको यह तय करना होगा कि आप किस प्रकार का स्टोर खोलना चाहते हैं:
- स्टैंडअलोन मेडिकल स्टोर: यह आमतौर पर आवासीय क्षेत्रों में खोला जाता है और सामान्य दवाएँ बेचता है।
- अस्पताल मेडिकल स्टोर: यह अस्पताल परिसर में स्थित होता है और मरीजों की जरूरतों को पूरा करता है।
- जन औषधि केंद्र: सरकार की योजना के तहत जेनेरिक दवाएँ सस्ते दामों पर बेचने वाला स्टोर, जिसके लिए विशेष आवेदन प्रक्रिया है।
- थोक मेडिकल स्टोर: यह बड़े पैमाने पर दवाएँ सप्लाई करता है और इसके लिए अलग लाइसेंस की जरूरत होती है।
मेडिकल स्टोर शुरू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज
मेडिकल स्टोर खोलने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट: स्टेट फार्मेसी काउंसिल से प्राप्त रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र।
- ड्रग लाइसेंस आवेदन: ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत फॉर्म 19 के साथ आवेदन।
- पहचान और पता प्रमाण: मालिक या फार्मासिस्ट का आधार कार्ड, पैन कार्ड, और निवास प्रमाण।
- दुकान का रजिस्ट्रेशन: सोल प्रोप्राइटरशिप, पार्टनरशिप डीड, या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का रजिस्ट्रेशन प्रमाण।
- किराया या स्वामित्व प्रमाण: दुकान के किराए का एग्रीमेंट या मालिकाना हक का दस्तावेज।
- नॉन-कन्विक्शन एफिडेविट: मालिक या साझेदारों का यह शपथ पत्र कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
- जीएसटी रजिस्ट्रेशन: टैक्स के लिए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
ड्रग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया
ड्रग लाइसेंस के बिना मेडिकल स्टोर खोलना गैरकानूनी है। यह लाइसेंस स्टेट ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (SDSCO) से प्राप्त किया जाता है। प्रक्रिया इस प्रकार है:
- ऑनलाइन आवेदन: अपने राज्य की SDSCO वेबसाइट पर जाकर फॉर्म 19 डाउनलोड करें। सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज अपलोड करें।
- दस्तावेज जमा करें: फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन, दुकान का किराया/स्वामित्व प्रमाण, और अन्य दस्तावेज जमा करें।
- निरीक्षण: ड्रग इंस्पेक्टर आपकी दुकान का दौरा करेगा और स्टोर की जगह, साफ-सफाई, और दवाओं के भंडारण की जाँच करेगा।
- लाइसेंस जारी: सत्यापन के बाद ड्रग लाइसेंस जारी किया जाएगा, जो केवल एक स्टोर के लिए वैध होगा। एक लाइसेंस पर दो स्टोर चलाना गैरकानूनी है।
नोट: ड्रग लाइसेंस की वैधता 5 वर्ष होती है, जिसके बाद नवीनीकरण जरूरी है।
मेडिकल स्टोर शुरू करने की लागत
मेडिकल स्टोर शुरू करने की लागत स्थान, स्टोर के आकार, और दवाओं के स्टॉक पर निर्भर करती है। सामान्य अनुमान इस प्रकार है:
- दुकान का किराया: 10,000-50,000 रुपये प्रति माह (शहर के आधार पर)।
- लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन: लगभग 30,000 रुपये।
- फर्नीचर और उपकरण: अलमारियाँ, फ्रिज, और एयर-कंडीशनर के लिए 2-3 लाख रुपये।
- दवाओं का स्टॉक: शुरुआती स्टॉक के लिए 2-5 लाख रुपये।
- फार्मासिस्ट की सैलरी: 5,000-30,000 रुपये प्रति माह (यदि नियुक्त किया गया हो)।
कुल मिलाकर, एक छोटा मेडिकल स्टोर शुरू करने के लिए 5-10 लाख रुपये का निवेश चाहिए।
जन औषधि केंद्र: एक विशेष विकल्प
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) के तहत आप सस्ती जेनेरिक दवाएँ बेचने वाला जन औषधि केंद्र खोल सकते हैं। इसके लिए:
- आवेदन करें।
- 5000 रुपये की आवेदन फीस जमा करें।
- 10 वर्ग मीटर की जगह और D.Pharm/B.Pharm डिग्री या रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की आवश्यकता होती है।
- सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि और सस्ती दवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
मेडिकल स्टोर चलाने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
मेडिकल स्टोर को सफलतापूर्वक चलाने के लिए निम्नलिखित टिप्स अपनाएँ:
- सही स्थान चुनें: अस्पताल के पास या आवासीय क्षेत्र में दुकान खोलें, जहाँ दवाओं की माँग अधिक हो।
- दवाओं की एक्सपायरी डेट चेक करें: ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुसार, 5 वर्ष से पुरानी दवाएँ स्टोर नहीं की जा सकतीं। नियमित रूप से स्टॉक चेक करें।
- डॉक्टरों के साथ नेटवर्क बनाएँ: स्थानीय डॉक्टरों से संपर्क करें ताकि उनकी सलाह पर मरीज आपके स्टोर से दवाएँ खरीदें।
- साफ-सफाई और ठंडा भंडारण: दवाओं को ठंडी और साफ जगह पर स्टोर करें। एयर-कंडीशनर और फ्रिज का उपयोग करें।
निष्कर्ष
मेडिकल स्टोर शुरू करना एक लाभकारी और सम्मानजनक व्यवसाय है, लेकिन इसके लिए सही योग्यता, लाइसेंस, और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है। D.Pharm या B.Pharm डिग्री, ड्रग लाइसेंस, और उचित स्थान के साथ आप यह व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। जन औषधि केंद्र जैसे विकल्प भी कम निवेश में अच्छा अवसर प्रदान करते हैं। सावधानीपूर्वक योजना और नियमों का पालन करके आप एक सफल मेडिकल स्टोर स्थापित कर सकते हैं।
