चेन्नई, 29 सितंबर 2025: तमिलनाडु के करूर जिले में तमिलागा वेट्री कझागम (TVK) के संस्थापक और सुपरस्टार विजय थलापति के राजनीतिक रैली में हुई भगदड़ ने 40 लोगों की जान ले ली। यह घटना 27 सितंबर को हुई, जिसमें 12 पुरुष, 16 महिलाएं, और 10 बच्चे शामिल हैं। 45 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
1. घटना कैसे हुई? क्या था कारण?
27 सितंबर 2025 को करूर में TVK की रैली में हजारों समर्थक जमा हुए। विजय थलापति के भाषण के दौरान भीड़ अनियंत्रित हो गई, और मेन गेट पर धक्का-मुक्की से भगदड़ मच गई। आयोजकों ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती, जिससे गेट पर दबाव बढ़ा। चश्मदीदों ने बताया कि पुलिस की संख्या अपर्याप्त थी और बैरिकेडिंग कमजोर।
“यह दुखद है। हमारी पार्टी सभी पीड़ित परिवारों के साथ है।” – विजय थलापति
2. क्या 40 मौतों के जिम्मेदार विजय थलापति?
विजय थलापति को सीधे जिम्मेदार ठहराना गलत होगा, लेकिन उनकी पार्टी TVK के आयोजकों पर लापरवाही का आरोप है। तमिलनाडु सरकार ने FIR दर्ज की, जिसमें आयोजकों पर IPC की धारा 304A (लापरवाही से मौत) लगाई गई।
3. भगदड़ कैसे रोकी जा सकती थी?
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो यह त्रासदी टल सकती थी। विशेषज्ञों के अनुसार:
- पुलिस बल बढ़ाना: रैली में कम से कम 2000 पुलिसकर्मी होने चाहिए थे।
- बैरिकेडिंग और गेट मैनेजमेंट: मेन गेट पर मजबूत बैरिकेड और क्राउड कंट्रोल।
- CCTV और ड्रोन सर्विलांस: भीड़ की निगरानी।
- आयोजन पूर्व योजना: क्षमता सीमा और इमरजेंसी एग्जिट।
तमिलनाडु सरकार ने सभी राजनीतिक रैलियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं।
4. घायलों की स्थिति और मुआवजा क्या?
45 घायल हैं, जिनमें से 20 गंभीर हैं। कोयंबटूर और तिरुचिरापल्ली के अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
5. सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच के आदेश दिए। विपक्षी BJP ने DMK सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया।
“यह दुखद है। हमारी सरकार पूरे सहयोग के लिए तैयार है।” – एम.के. स्टालिन
6. अब आगे क्या? जांच और सबक
तमिलनाडु सरकार ने SIT गठित की, जो 15 दिनों में रिपोर्ट देगी। राजनीतिक रैलियों के लिए नई सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे। विजय की TVK पर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़ प्रबंधन पर फोकस जरूरी है।
🌐 सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर #JusticeForKarur और #VijayStampede ट्रेंड कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “विजय थलापति जिम्मेदार हैं। सुरक्षा की लापरवाही बर्दाश्त नहीं।” एक अन्य ने कहा, “सरकार की विफलता। मुआवजा काफी नहीं।”
🌟 निष्कर्ष: सबक और न्याय की मांग
करूर भगदड़ ने 40 जिंदगियों का अंत कर दिया, जो सुरक्षा लापरवाही का परिणाम है। विजय थलापति की जिम्मेदारी पर सवाल हैं, लेकिन जांच ही सच्चाई सामने लाएगी। भविष्य में ऐसी त्रासदी रोकने के लिए कड़े कदम जरूरी हैं।
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