BCCI ने खोला नया टेंडर! 🔎 Dream11 के हटते ही लीड स्पॉन्सर की तलाश, शराब–तंबाकू कंपनियों पर रोक 🚫

BCCI का बड़ा कदम! 🏏 ड्रीम-11 ने छोड़ी स्पॉन्सरशिप, अल्कोहल-तंबाकू कंपनियां बोली से बाहर 🚫

मुंबई, 2 सितंबर 2025: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मंगलवार को राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लीड स्पॉन्सर के लिए नया टेंडर जारी किया है। यह कदम तब उठाया गया जब फैंटसी गेमिंग प्लेटफॉर्म ड्रीम-11 ने अपनी ₹358 करोड़ की तीन साल की स्पॉन्सरशिप समाप्त कर दी। ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के पारित होने के बाद ड्रीम-11 ने यह फैसला लिया। BCCI ने साफ कर दिया है कि अल्कोहल, तंबाकू, सट्टेबाजी, क्रिप्टोकरेंसी और रियल-मनी गेमिंग से जुड़ी कंपनियां इस बोली में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। 🏏 इस कदम ने क्रिकेट प्रशंसकों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। आइए, इस घटना की पूरी कहानी और इसके प्रभाव को विस्तार से जानते हैं। 📜

🚨 ड्रीम-11 का बाहर होना: क्यों खत्म हुआ करार?

ड्रीम-11 ने जुलाई 2023 में BCCI के साथ ₹358 करोड़ (लगभग $44 मिलियन) की तीन साल की डील साइन की थी, जो भारतीय पुरुष, महिला, अंडर-23 और अंडर-19 टीमों के लिए थी। यह डील 2026 तक चलनी थी, लेकिन प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 के पारित होने के बाद रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लग गया। इस कानून ने ड्रीम-11 जैसे प्लेटफॉर्म्स को पेड कॉन्टेस्ट्स बंद करने के लिए मजबूर कर दिया, जिसके चलते कंपनी ने स्पॉन्सरशिप से हटने का फैसला किया। 💸

BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, “सरकारी नियमों के चलते हम ड्रीम-11 या किसी अन्य गेमिंग कंपनी के साथ स्पॉन्सरशिप जारी नहीं रख सकते। हमें इस रास्ते में रुकावट का सामना करना पड़ रहा है।” 🗣️

BCCI ने ड्रीम-11 पर कोई जुर्माना नहीं लगाया, क्योंकि कॉन्ट्रैक्ट में एक क्लॉज था जो सरकारी नियमों के कारण व्यवसाय बंद होने पर स्पॉन्सर को वित्तीय दायित्व से छूट देता है।

📜 टेंडर की शर्तें और प्रतिबंधित कंपनियां

BCCI ने नए लीड स्पॉन्सर के लिए सख्त नियम बनाए हैं। टेंडर के लिए इंविटेशन फॉर एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (IEOI) दस्तावेज 2 सितंबर से उपलब्ध हैं, और बोली जमा करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर 2025 है। IEOI दस्तावेज खरीदने के लिए ₹5 लाख (प्लस GST) की गैर-वापसी योग्य फीस देनी होगी। बोली लगाने वाली कंपनियों को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • वित्तीय क्षमता: पिछले तीन साल में औसतन ₹300 करोड़ का टर्नओवर या नेट वर्थ होना चाहिए।
  • फिट एंड प्रॉपर पर्सन: बोली लगाने वाले को कोई आपराधिक रिकॉर्ड, धोखाधड़ी, नैतिक भ्रष्टता या 2 साल से अधिक की सजा नहीं होनी चाहिए। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा विलफुल डिफॉल्टर घोषित नहीं होना चाहिए।
  • सुरोगेट ब्रांडिंग पर रोक: प्रतिबंधित श्रेणियों की कंपनियां किसी अन्य ब्रांड या लोगो के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से बोली नहीं लगा सकतीं।

प्रतिबंधित (Ineligible) कंपनियां: निम्नलिखित प्रकार की कंपनियों को टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं है:

  • रियल-मनी गेमिंग (फैंटेसी स्पोर्ट्स सहित)
  • सट्टेबाजी/जुआ (Betting, gambling)
  • क्रिप्टोकरेंसी कंपनियां
  • अल्कोहल कंपनियां
  • तंबाकू कंपनियां
  • पोर्नोग्राफी से जुड़ी कंपनियां
  • सार्वजनिक नैतिकता को ठेस पहुंचाने वाले ब्रांड

इसके अलावा, कुछ श्रेणियां जैसे एथलेटिक और स्पोर्ट्सवियर, बैंकिंग, गैर-मादक पेय, पंखे-मिक्सर ग्राइंडर और बीमा पहले से ही BCCI के मौजूदा स्पॉन्सर्स (जैसे कैम्पा, एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज) के पास हैं, इसलिए इन श्रेणियों में नई बोली नहीं लगाई जा सकती।

🏟️ एशिया कप 2025: बिना स्पॉन्सर के उतरेगी टीम इंडिया?

9 सितंबर से यूएई में शुरू होने वाले एशिया कप 2025 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को बिना लीड स्पॉन्सर के जर्सी के साथ खेलना पड़ सकता है। महिला टीम भी 30 सितंबर से गुवाहाटी में होने वाले महिला वनडे विश्व कप में बिना स्पॉन्सर के उतर सकती है। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने स्वीकार किया कि 15 दिनों के भीतर नया स्पॉन्सर ढूंढना मुश्किल है। उन्होंने कहा, “हम वैकल्पिक समाधान ढूंढ रहे हैं। अभी तक कुछ फाइनल नहीं हुआ है।”

यह स्थिति BCCI के लिए वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है, क्योंकि ड्रीम-11 और IPL के फैंटसी पार्टनर My11Circle ने मिलकर BCCI को लगभग ₹1,000 करोड़ की कमाई दी थी।

💰 नया सौदा: ₹450 करोड़ का लक्ष्य

रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI ने 2025-2028 के लिए 140 मैचों के लिए ₹450 करोड़ का स्पॉन्सरशिप सौदा लक्ष्य रखा है। इसमें द्विपक्षीय मैचों के लिए प्रति मैच ₹3.5 करोड़ और ICC/ACC आयोजनों के लिए ₹1.5 करोड़ का लक्ष्य है। यह ड्रीम-11 की डील से ज्यादा है, लेकिन पहले के स्पॉन्सर बायजूस की डील (₹5 करोड़ प्रति होम मैच) से कम है।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा, जियो, अदानी या नई उभरती स्टार्टअप्स जैसे जेरोधा इस बोली में हिस्सा ले सकते हैं।

🌐 सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

BCCI के इस कदम ने सोशल मीडिया पर प्रशंसकों और विशेषज्ञों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं बटोरी हैं। एक यूजर ने लिखा, “BCCI का यह फैसला स्वागत योग्य है। क्रिकेट हमारा धर्म है, और इसके स्पॉन्सर को नैतिकता के साथ जोड़ा जाना चाहिए।” 🙏 एक अन्य ने कहा, “टाटा या रिलायंस जैसे भारतीय ब्रांड को यह मौका मिलना चाहिए।” 💪 कुछ लोगों ने ₹5 लाख की गैर-वापसी योग्य फीस को ज्यादा बताया और कहा कि इससे छोटे व्यवसायों के लिए बोली लगाना मुश्किल होगा। 😕

BCCI ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर टेंडर की घोषणा की, जिसे हजारों लोगों ने देखा और शेयर किया।

⚖️ BCCI की रणनीति और भविष्य

ड्रीम-11 का बाहर होना और सख्त नियमों का लागू होना BCCI की नई रणनीति को दर्शाता है। बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि स्पॉन्सर न केवल वित्तीय रूप से मजबूत हों, बल्कि उनकी छवि भी साफ और नैतिक हो। अल्कोहल, तंबाकू, सट्टेबाजी, क्रिप्टोकरेंसी और सार्वजनिक नैतिकता को ठेस पहुंचाने वाले ब्रांडों पर प्रतिबंध सरकारी नियमों और सामाजिक मूल्यों के अनुरूप है।

हालांकि, एशिया कप और महिला विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स से पहले स्पॉन्सर की कमी BCCI के लिए चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड को दीर्घकालिक साझेदारी के लिए बेहतर योजना बनानी होगी।

🌟 निष्कर्ष: नया स्पॉन्सर, नई शुरुआत

BCCI का यह टेंडर न केवल एक नए स्पॉन्सर की तलाश है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट की छवि और नैतिकता को बनाए रखने का प्रयास भी है। ड्रीम-11 के बाहर होने और प्रतिबंधित श्रेणियों जैसे अल्कोहल, तंबाकू और सट्टेबाजी पर रोक के बाद BCCI ने साफ कर दिया है कि वह केवल प्रतिष्ठित और नैतिक कंपनियों के साथ साझेदारी करेगा। 🏏 यह कदम क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक सकारात्मक संदेश है, लेकिन यह देखना बाकी है कि कौन सी कंपनी इस प्रतिष्ठित जर्सी स्पॉन्सरशिप को हासिल करेगी।

क्या आप BCCI के इस कदम से सहमत हैं? नया स्पॉन्सर कौन हो सकता है? अपनी राय कमेंट में साझा करें! 💬

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