सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और लद्दाख विवाद: शुरुआत से अब तक पूरी जानकारी

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और लद्दाख विवाद: शुरुआत से अब तक पूरी जानकारी (27 सितंबर 2025) 😠

नई दिल्ली, 27 सितंबर 2025: लद्दाख में राज्यhood और छठी अनुसूची की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया है। जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद वे जोधपुर जेल स्थानांतरित कर दिए गए। 0 यह गिरफ्तारी लेह में हुई हिंसा के दो दिन बाद हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 से अधिक घायल हो गए। 1 केंद्र सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है, जबकि उनके समर्थक इसे दमनकारी कदम बता रहे हैं। इस लेख में हम आंदोलन की शुरुआत से लेकर आज तक की पूरी जानकारी दे रहे हैं।

🔥 लद्दाख आंदोलन की शुरुआत: 2019 से राज्यhood की मांग

2019 में लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश (UT) बनाया गया था, जिससे स्थानीय लोगों को विशेष दर्जा, विकास, और सुरक्षा की उम्मीद थी। लेकिन विकास की कमी, नौकरियों में स्थानीय आरक्षण न मिलना, और पर्यावरणीय चिंताओं ने असंतोष बढ़ाया। सोनम वांगचुक, जो '3 इडियट्स' फिल्म के प्रेरणा स्रोत हैं और SECMOL (स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख) के संस्थापक हैं, लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के नेतृत्व में आंदोलन चला रहे थे। 2

प्रमुख मांगें:

  • लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना।
  • छठी अनुसूची के तहत संरक्षण (जो आदिवासी क्षेत्रों को स्वायत्तता देती है)।
  • स्थानीय नौकरियों और शिक्षा में 100% आरक्षण
  • पर्यावरण संरक्षण और खनन पर रोक

📅 आंदोलन का टाइमलाइन: अनशन से हिंसा तक

2020-2023: शुरुआती विरोध

2020 से LAB और KDA ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू किए। 2023 में वांगचुक ने दिल्ली में मार्च का नेतृत्व किया, जिसमें केंद्र सरकार से बातचीत का वादा लिया गया, लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

2024: आंदोलन तेज

2024 में LAB-KDA ने दिल्ली में पैदल मार्च किया और राज्यhood की मांग को दोहराया। केंद्र सरकार ने उच्च-स्तरीय समिति बनाई, लेकिन समाधान नहीं निकला।

अगस्त 2025: अनशन की शुरुआत

अगस्त 2025 में वांगचुक ने लेह में अनशन शुरू किया, जो 10 सितंबर तक चला। अनशन में 15 लोग शामिल थे, जिनमें से दो को अस्पताल ले जाना पड़ा 4 वांगचुक ने कहा, "हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं।"

24 सितंबर 2025: शांतिपूर्ण हड़ताल हिंसक

24 सितंबर को शांतिपूर्ण हड़ताल के दौरान भीड़ ने सरकारी संपत्तियों पर हमला किया। पुलिस ने लाइव फायरिंग की, जिसमें 4 मौतें और 90 घायल हुए। वांगचुक ने अनशन समाप्त किया और कहा, "मेरा शांतिपूर्ण रास्ते का संदेश विफल हो गया। युवाओं से अपील है कि यह बकवास बंद करें।" 5

25-26 सितंबर 2025: गिरफ्तारी और NSA

26 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे लद्दाख DGP एस.डी. सिंह जामवाल के नेतृत्व में पुलिस ने वांगचुक को NSA के तहत गिरफ्तार किया। 6 गृह मंत्रालय ने उन्हें "उकसावे वाली बयानबाजी" का दोषी ठहराया, जिसमें नेपाल के Gen-Z आंदोलन और अरब स्प्रिंग का जिक्र था। 7 वांगचुक को जोधपुर जेल भेजा गया। 8

🚨 गिरफ्तारी के आरोप: FCRA उल्लंघन और पाकिस्तान कनेक्शन

गिरफ्तारी के मुख्य आरोप:

  • FCRA उल्लंघन: SECMOL का FCRA लाइसेंस रद्द, विदेशी फंड्स का दुरुपयोग। HIAL पर ₹1.5 करोड़ बिना FCRA फंड्स लेने का आरोप। ₹6.5 करोड़ वांगचुक की निजी फर्म में डायवर्ट। 9
  • पाकिस्तान कनेक्शन: एक पाकिस्तानी PIO से संपर्क, पाकिस्तान के 'डॉन' इवेंट में भागीदारी। पुलिस जांच कर रही है। 10
  • हिंसा भड़काना: भाषणों से भीड़ उकसाना।

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने कहा, "पुलिस ने बताया कि उन्हें जोधपुर ले जाया जा रहा है।" 11

😡 आज की लेटेस्ट अपडेट्स (27 सितंबर 2025)

27 सितंबर को लद्दाख प्रशासन ने गिरफ्तारी को जायज ठहराया, कहा कि यह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी था। लेह में कर्फ्यू चौथे दिन जारी, कारगिल में BNS धारा 163 के तहत 4 से अधिक लोगों की भीड़ पर प्रतिबंध। कारगिल में शटरडाउन।

  • इंटरनेट सस्पेंड: लेह में मोबाइल इंटरनेट निलंबित।
  • गिरफ्तारियां: 44 लोग गिरफ्तार, मुख्य रिंग लीडर्स सहित।
  • प्रतिक्रियाएं: कांग्रेस के जयराम रमेश ने "ड्रैकोनियन" कहा। मल्लिकार्जुन खड़गे ने BJP पर दोष मढ़ा। लद्दाख MP हाजी हनीफा ने निंदा की। CPI(ML) ने "विच हंट" बताया।
  • प्रदर्शन: दिल्ली के जंतर-मंतर पर AAP का कैंडल मार्च। LAB 29 सितंबर को दिल्ली में प्रतिनिधिमंडल भेजेगा।
  • साजिश का आरोप: पाकिस्तान एजेंट्स से संपर्क की जांच।

🗣️ सोशल मीडिया पर बवाल

सोशल मीडिया पर #FreeWangchuk और #ReleaseSonamWangchuk ट्रेंड कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "सोनम वांगचुक को गिरफ्तार करना लद्दाख की आवाज को दबाने की कोशिश है।" एक अन्य ने कहा, "पाकिस्तान कनेक्शन का खुलासा? यह तो साजिश लगता है!" AAP ने कहा, "तानाशाही चरम पर है।"

🔮 आगे क्या? विवाद का भविष्य

वांगचुक की गिरफ्तारी ने आंदोलन को और भड़का दिया। अगली बातचीत 6 अक्टूबर को निर्धारित है, लेकिन हिंसा के बाद विश्वास बहाली मुश्किल। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केंद्र-राज्य संबंधों पर असर डालेगा, खासकर LAC पर तनाव के बीच। वांगचुक ने गिरफ्तारी से पहले कहा, "मैं जेल जाने को तैयार हूं, लेकिन यह सरकार के लिए ज्यादा समस्या पैदा करेगा।"

🌟 निष्कर्ष: लद्दाख की आवाज दबाना उचित?

2019 से शुरू हुए लद्दाख आंदोलन की टाइमलाइन—अनशन, हड़ताल, हिंसा, और NSA गिरफ्तारी—राष्ट्रीय बहस का विषय बनी हुई है। शांतिपूर्ण मांगों को दबाने का आरोप लग रहा है, जबकि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दे रही है। लद्दाख के लोगों की मांगें—राज्यhood, छठी अनुसूची, और स्थानीय अधिकार—अभी अनसुलझी हैं। क्या यह आंदोलन दबेगा या और फैलेगा? समय बताएगा।

क्या सोनम वांगचुक की रिहाई होनी चाहिए? लद्दाख विवाद पर आपकी राय क्या है? कमेंट में बताएं! 💬

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