भारत ने अमेरिका की पोस्टल सर्विस सस्पेंड की
भारतीय डाक विभाग ने 25 अगस्त 2025 से अमेरिका की अधिकांश पोस्टल सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। यह कदम अमेरिकी कस्टम नियमों में हाल ही में की गई कटौती और ड्यूटी-फ्री लिमिट (2025 के अंत से अनुमानित) में बदलाव के जवाब में उठाया गया है। अमेरिकी प्रशासन ने 29 अगस्त 2025 से de minimis निक्षेप सीमा (US$800 या लगभग ₹70,000 तक) पर छूट समाप्त कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप ड्यूटी और क्लियरन्स प्रक्रिया सभी शिपमेंट पर लागू होगी।
📌 मुख्य बिंदु एक नजर में
- पोस्टल निलंबन: भारत से अमेरिका भेजी जाने वाली सीमित सेवाओं के लिए शिपमेंट स्टॉपेज लागू है।
- ड्यूटी-फ्री समाप्त: 29 अगस्त से US$800 (₹70,000) तक की ड्यूटी-फ्री सीमा रद्द होगी।
- छोटे दस्तावेज़/गिफ्ट संभवतः मुक्त रह सकते हैं, लेकिन शिपिंग से पहले कस्टम/डाक सलाह अवश्य लें।
- सिस्टम अपडेट: भारतीय डाक अथॉरिटी ने प्रक्रियात्मक समन्वय और सिस्टम अपग्रेड्स पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है।
📈 कौन प्रभावित होगा?
- मुनाफा घट सकता है—शिपिंग लागत के साथ कस्टम शुल्क जुड़ने की संभावना।
- US में इलेक्ट्रॉनिक, कपड़ा, हस्तशिल्प सामग्री पर ऑर्डर थम सकते हैं।
- आज भेजे जाने वाले गिफ्ट, डाक्यूमेंट्स पर अतिरिक्त शुल्क या क्लियरेंस पड़ेगा।
- ज्यादा महत्वपूर्ण कागजात के लिए इलेक्ट्रॉनिक विकल्प (स्कैन/ई-मेल) पर ध्यान देना लाभकारी होगा।
🌐 बैकग्राउंड और नीति परिप्रेक्ष्य
अमेरिका ने पिछले कुछ समय में कस्टम नीतियों में बदलाव किए हैं—मुख्यतः घरेलू उद्योगों की संरक्षण नीति और आयात नियंत्रणों के तहत। de minimis सीमा समाप्ति का उद्देश्य यह है कि सभी शिपमेंट पर स्पष्टता हो और विदेशी वस्तुओं पर उचित शुल्क वसूला जा सके।
भारतीय उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम छोटे व्यापारियों को वित्तीय दबाव में डालेगा, खासकर वे जो प्रतिस्पर्धी रिटेल मार्कट में काम कर रहे हैं।
भारत ने तत्काल प्रभाव से पोस्टल सेवाएं रद्द की हैं ताकि गति से कस्टम कार्यप्रणाली में सुधार और डिजिटल क्लियरन्स सिस्टम को लागू किया जा सके।
✅ सुझाव (Quick Action Plan)
- अमेरिका भेजे जाने वाले पार्सल्स के लिए लागत और समय अनुमान दोबारा देखें।
- इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ विकल्प (PDF, ई-मेल) अपनाएं जहां संभव हो।
- HS कोड, चालान मूल्य और ड्यूटी विवरण सटीक और सत्यापित रखें।
- कूरियर और लॉजिस्टिक्स वेंडरों से संपर्क बनाए रखें—आपके लिए वैकल्पिक मार्गदर्शन उपलब्ध हो सकता है।
विशेष टिप्पणी
व्यापारिक और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे क्रॉस-बॉर्डर पार्सल्स की मात्रा में 30–40% तक कमी आ सकती है। सरकार और इंडस्ट्री दोनों जल्द ही नई नीतियाँ और समर्थन पैकेज की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं।
