PM का ऐलान: GST स्लैब में कटौती, 3.5 करोड़ रोजगार की योजना
दिवाली गिफ्ट के रूप में टैक्स राहत, 15 अगस्त 2025 को लाल किले से घोषणा
परिचय
15 अगस्त 2025 को, भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए दो बड़े ऐलान किए। पहला, जरूरी सामान पर GST (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) स्लैब को 4 से घटाकर 2 करने का प्रस्ताव, जिसे उन्होंने जनता के लिए "दिवाली गिफ्ट" करार दिया। दूसरा, 3.5 करोड़ रोजगार सृजन के लिए "पीएम विकसित भारत योजना" की शुरुआत। ये घोषणाएँ देश की अर्थव्यवस्था को गति देने और आम जनता को राहत प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। इस लेख में हम इन ऐलानों की विस्तृत जानकारी, उनके महत्व, और संभावित प्रभावों पर चर्चा करेंगे।
PM का "दिवाली गिफ्ट": GST स्लैब में कटौती
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में कहा कि सरकार अगली पीढ़ी के GST सुधारों पर काम कर रही है, जिसके तहत जरूरी सामान पर टैक्स को कम किया जाएगा। GST स्लैब को मौजूदा 4 (0%, 5%, 12%, 18%, 28%) से घटाकर 2 स्लैब (मेरिट और स्टैंडर्ड) करने का प्रस्ताव है। यह कदम आम जनता को राहत देने और उपभोग को बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है।
- जरूरी सामान पर टैक्स में कमी: रोजमर्रा की जरूरतों जैसे खाद्य पदार्थ, साबुन, कपड़े, और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स कम होगा, जिससे ये सस्ते होंगे।
- दो स्लैब का प्रस्ताव: मेरिट स्लैब (कम टैक्स दर) में जरूरी सामान और स्टैंडर्ड स्लैब (उच्च दर) में गैर-जरूरी सामान शामिल होंगे।
- जीएसटी परिषद की भूमिका: यह प्रस्ताव जल्द ही जीएसटी परिषद के सामने रखा जाएगा, और इसकी मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।
- दिवाली गिफ्ट: पीएम ने इसे "दिवाली गिफ्ट" करार दिया, जिसका लक्ष्य त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को राहत देना है।
इस कदम से छोटे उद्योगों और MSME (माइक्रो, स्मॉल, एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) को भी लाभ होगा, क्योंकि टैक्स अनुपालन आसान होगा और लागत कम होगी।
3.5 करोड़ रोजगार के लिए पीएम विकसित भारत योजना
प्रधानमंत्री ने ₹1 लाख करोड़ की "पीएम विकसित भारत योजना" की घोषणा की, जिसका लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करना है। यह योजना युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है।
- युवा केंद्रित: इस योजना के तहत युवाओं को तकनीकी और गैर-तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- उद्योग सहयोग: IT, मैन्युफैक्चरिंग, और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निजी कंपनियों के साथ साझेदारी की जाएगी।
- आत्मनिर्भर भारत: यह योजना आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करेगी, जिसमें स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
- किसानों की सुरक्षा: योजना में ग्रामीण और कृषि-आधारित रोजगार को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस योजना का लक्ष्य बेरोजगारी को कम करना और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाना है।
ऐलानों की पृष्ठभूमि
ये घोषणाएँ ऐसे समय में आई हैं, जब भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक मंदी और महंगाई के दबाव का सामना कर रही है। GST सुधारों का उद्देश्य उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ाना है, जबकि रोजगार योजना से युवाओं को सशक्त बनाने की कोशिश की जा रही है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "हमारा लक्ष्य आम जनता के लिए जीवन को आसान बनाना और युवाओं को अवसर देना है।"
पिछले कुछ वर्षों में GST ने भारत की कर व्यवस्था को सरल बनाया है, लेकिन जटिल स्लैब और अनुपालन की समस्याएँ बनी हुई हैं। इस प्रस्ताव से इन समस्याओं को हल करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।
प्रभाव और प्रतिक्रियाएँ
इन ऐलानों ने देशभर में व्यापक चर्चा शुरू कर दी है:
- आम जनता: टैक्स कटौती को जनता ने "दिवाली गिफ्ट" के रूप में स्वागत किया है, क्योंकि इससे रोजमर्रा की वस्तुएँ सस्ती होंगी।
- उद्योग: व्यापारियों और MSME ने दो स्लैब के प्रस्ताव को सरल और कारोबार-अनुकूल बताया है।
- युवा: रोजगार योजना को युवाओं ने सकारात्मक माना है, लेकिन इसकी सफलता कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी।
- विपक्ष: कुछ विपक्षी नेताओं ने इसे "चुनावी जुमला" करार दिया, लेकिन अधिकांश ने टैक्स कटौती की सराहना की।
आगे की राह
इन घोषणाओं को लागू करने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे:
- GST परिषद की बैठक: जल्द ही परिषद इस प्रस्ताव पर विचार करेगी, और नई स्लैब संरचना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
- योजना का कार्यान्वयन: पीएम विकसित भारत योजना के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कार्य करेंगी।
- सार्वजनिक जागरूकता: सरकार को जनता तक इन योजनाओं की जानकारी पहुँचाने के लिए अभियान चलाने होंगे।
निष्कर्ष
15 अगस्त 2025 को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान ने भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए नए द्वार खोले हैं। GST स्लैब को 4 से घटाकर 2 करने का प्रस्ताव जनता के लिए "दिवाली गिफ्ट" है, जो रोजमर्रा की वस्तुओं को सस्ता करेगा। साथ ही, 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करने की पीएम विकसित भारत योजना युवाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। ये कदम भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। अब यह देखना बाकी है कि इन योजनाओं का कार्यान्वयन कितना प्रभावी होता है।
